गोंदिया: जिले में गोल्ड्स जिम के पावरलिफ्टर्स पर पदकों की बारिश, राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए सभी खिलाड़ी चयनित…

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गोंदिया | प्रतिनिधि

गोंदिया जिले के खेल इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। 12 से 14 जून 2026 तक आयोजित वेस्ट ज़ोन इक्विप्ड एवं क्लासिक पावरलिफ्टिंग, बेंच प्रेस तथा डेडलिफ्ट चैंपियनशिप में गोल्ड्स जिम गोंदिया के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम गौरवान्वित किया। लगभग 300 खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में गोल्ड्स जिम के सभी 10 खिलाड़ियों ने पदक जीतकर शत-प्रतिशत सफलता हासिल की तथा आगामी राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता, रायपुर (छत्तीसगढ़) के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया।
प्रतियोगिता में गोल्ड्स जिम के खिलाड़ियों ने 2 स्वर्ण, 2 रजत एवं 7 कांस्य पदक जीतकर अपनी ताकत, तकनीक और मेहनत का लोहा मनवाया।

महिला वर्ग में उर्वशी फडके ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में 72.5 किलोग्राम डेडलिफ्ट उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं विद्या अरुणकुमार पटले ने 44 किलोग्राम जूनियर वर्ग में बेंच प्रेस में 47.5 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक प्राप्त किया तथा डेडलिफ्ट एवं पावरलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन कर पदक हासिल किए।

पुरुष वर्ग में सुहास डोंगरे एवं चंदन मेश्राम ने विभिन्न भार वर्गों में रजत पदक अर्जित किए। जबकि वीर रहांगडले, सागर डोये, प्रणय तावड़े, आयुष शेंडे एवं सजातकुमार राजाभोज ने कांस्य पदक जीतकर गोंदिया का मान बढ़ाया। खिलाड़ी भवानीशंकर वर्मा ने भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रतियोगिता में विशेष छाप छोड़ी ।

इस शानदार सफलता के उपलक्ष्य में गोल्ड्स जिम परिसर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में खिलाड़ियों का पुष्पगुच्छ, मेडल एवं स्मृति-चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय गोल्ड्स जिम के संचालक, राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक एवं सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर श्री केदार विनोद शरणागत को दिया, जिनके मार्गदर्शन, कठोर प्रशिक्षण और समर्पण के कारण आज गोंदिया के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष सचिन गोविंदभाऊ शेंडे ने की। विशेष अतिथि के रूप में शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय बापू युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष एडवोकेट योगेश अग्रवाल (बापू) उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों में ज्योति नेहे (पुलिस उपनिरीक्षक, रामनगर), डॉ. सचिन करंडे, संगीत शिक्षक विनोद शरणागत तथा प्रमोद शरणागत (मामू) शामिल रहे।

अपने संबोधन में एडवोकेट योगेश अग्रवाल (बापू) ने कहा कि “खेल केवल शरीर को नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत बनाता है। गोल्ड्स जिम के खिलाड़ियों ने सिद्ध कर दिया है कि गोंदिया की युवा शक्ति किसी से कम नहीं है।”
कार्यक्रम में गौरी बवणथडे, खुशी बवणथडे, यश पंजवानी, हर्ष बागे, दुर्गा गोंडाने, अरुण पटले, वैशाली फडके, साध्वी जोशी, अजय रहांगडले,सौंदर्या मोहंती,दिपाली भोगे,इमानशू बडगुजार,पुरुषोत्तम घाटोले, प्रशांत बनकर, दीपक मारकाम, आर्यन बनसोड, आशीष धार्मिक, सोनू मोहरकर, सरोज शरणागत,कृषिक शरणागत एवं दीक्षा शरणागतसहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी, अभिभावक एवं जिम सदस्य उपस्थित थे।

“मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम”
गोल्ड्स जिम गोंदिया की यह उपलब्धि केवल पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले में उभरती खेल संस्कृति, युवा प्रतिभाओं और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है। अब पूरे जिले की उम्मीदें रायपुर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां गोंदिया के ये खिलाड़ी महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करने का संकल्प लेकर उतरेंगे। “लोहे को ताकत से नहीं, जुनून से उठाया जाता है… और गोंदिया के इन खिलाड़ियों ने अपने जुनून से सफलता का नया इतिहास रच दिया है।”

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